खेल कोटे में भर्ती पारदर्शी, सरकारी मानदंडों का पालन: अधिकारी का दावा
• खेल कोटे में भर्ती पर उठे सवालों का जवाब • अधिकारी ने प्रक्रिया की पारदर्शिता पर जोर दिया • 3% आरक्षण, 382 का चयन, 39 पद रिक्त • फर्जी प्रमाण पत्र पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी से आंध्र प्रदेश में खेल कोटे के तहत हुई भर्ती प्रक्रिया को लेकर उठे सवालों पर विशेष सचिव अजय जैन ने सफाई दी है। उन्होंने कहा कि भर्ती पूरी तरह पारदर्शी और तकनीक-संचालित थी, जिसमें सरकारी मानदंडों का पालन किया गया। 16,347 पदों में से 421 खेल कोटे के लिए थे, जिनमें से 382 योग्य उम्मीदवारों का चयन प्राथमिकता के आधार पर हुआ। फर्जी प्रमाण पत्र पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
• खेल कोटे की भर्ती प्रक्रिया पर उठे सवालों पर विशेष सचिव ने दी विस्तृत सफाई • तकनीक-संचालित प्रणाली से हुई भर्ती, बिचौलियों और बाहरी प्रभाव की गुंजाइश समाप्त • 3% आरक्षण के तहत 382 योग्य उम्मीदवारों का चयन, 39 पद रिक्त, 65 खेल विधाओं को मिली मान्यता • फर्जी प्रमाण पत्र पाए जाने वाले उम्मीदवारों और जारी करने वाले संगठनों पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई से आंध्र प्रदेश सरकार ने राज्य में डिस्ट्रिक्ट कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (DSC) के तहत खेल कोटे में हुई भर्ती प्रक्रिया को लेकर हाल ही में विभिन्न मीडिया प्लेटफॉर्मों और सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही रिपोर्टों और आरोपों पर अपनी विस्तृत प्रतिक्रिया दी है। राज्य के युवा उन्नति, पर्यटन और संस्कृति (खेल) विभाग के विशेष सचिव अजय जैन ने सोमवार को राज्य सचिवालय में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस भर्ती की पूर्ण पारदर्शिता और निष्पक्षता पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह चयन प्रक्रिया पूरी तरह से सरकारी मानदंडों और नियमों के अनुरूप, बिना किसी राजनीतिक हस्तक्षेप या बाहरी दबाव के संपन्न हुई है। श्री जैन ने बताया कि भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह से तकनीक-संचालित ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से संपन्न कराया गया था, जिससे बिचौलियों, बाहरी प्रभाव या किसी भी प्रकार की अनियमितता की गुंजाइश समाप्त हो गई। उन्होंने कहा कि यह प्रेस कॉन्फ्रेंस उन निराधार रिपोर्टों का खंडन करने के लिए बुलाई गई थी जो भर्ती प्रक्रिया की सत्यता पर सवाल उठा रही थीं। उन्होंने आगे बताया कि राज्य सरकार ने अपनी नई खेल नीति-2024 के माध्यम से सरकारी नौकरियों में खेल-कूद कोटा को मौजूदा 2% से बढ़ाकर 3% किया है। यह नीति दिसंबर 2024 में जी.ओ. एमएस. नंबर 18 के माध्यम से लागू की गई थी। कुल 16,347 DSC पदों के लिए अधिसूचना जारी की गई थी, जिसमें से 421 पद विशेष रूप से खेल कोटे के लिए आरक्षित थे। इस कोटे के लिए 3,600 उम्मीदवारों ने कुल 5,326 आवेदन जमा किए थे। हालांकि, निर्धारित पात्रता मानदंडों और प्राथमिकता के आधार पर केवल 382 उम्मीदवारों का ही चयन हो सका, जिसके परिणामस्वरूप 39 पद रिक्त रह गए। श्री जैन ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत सरकार द्वारा मार्च 2024 में जारी दिशानिर्देशों के अनुसार 65 मान्यता प्राप्त खेल विधाओं को इस भर्ती में शामिल किया गया था। चयन प्रक्रिया में पदक विजेताओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई, जिसमें स्वर्ण पदक विजेताओं को सबसे ऊपर रखा गया। उन्होंने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि राज्य सरकार ने ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाले आंध्र प्रदेश के एथलीटों के लिए ₹7 करोड़ के नकद पुरस्कार की घोषणा भी की है। प्रमाण पत्रों के सत्यापन पर जोर देते हुए, श्री जैन ने कहा कि उम्मीदवारों द्वारा जमा किए गए सभी प्रमाण पत्रों का कई स्तरों पर गहन सत्यापन किया गया। इसमें खेल महासंघों, खेल संघों, विश्वविद्यालयों और सरकारी समितियों की भूमिका शामिल थी। एक अनंतिम मेरिट सूची ऑनलाइन प्रकाशित की गई थी, जिसके बाद अंतिम सूची को अंतिम रूप देने से पहले उम्मीदवारों से आपत्तियां आमंत्रित की गईं। अंत में, श्री जैन ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी कि जो उम्मीदवार फर्जी प्रमाण पत्र जमा करते पाए जाएंगे, साथ ही ऐसे प्रमाण पत्र जारी करने वाले संगठन भी, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि खेल कोटे की भर्ती से संबंधित कुल 69 मामले उच्च न्यायालय में दायर किए गए थे, और अब तक जिन मामलों में निर्णय आया है, उनमें अदालत ने सरकार की चयन प्रक्रियाओं को मान्य ठहराया है।




