ब्रिटेन को रवांडा को प्रवासी सौदे के लिए लाखों का भुगतान नहीं करना होगा: मध्यस्थता न्यायालय

• रवांडा के लिए सौदे से पीछे हटने का फैसला • ब्रिटेन को लाखों पाउंड के भुगतान से राहत • सौदे के तहत केवल चार लोगों ने रवांडा की यात्रा की • भविष्य की कार्रवाइयों पर अनिश्चितता बनी हुई है के अनुसार, एक मध्यस्थता न्यायालय ने फैसला सुनाया है कि ब्रिटेन को रवांडा के साथ रद्द हुए प्रवासी सौदे के लिए लाखों पाउंड का भुगतान नहीं करना पड़ेगा। रवांडा ने कूटनीतिक नोटों के माध्यम से भविष्य के भुगतानों को छोड़ने पर सहमति व्यक्त की थी। यह निर्णय तब आया है जब सौदे के तहत केवल चार व्यक्ति स्वेच्छा से रवांडा गए थे। इस फैसले से ब्रिटेन को वित्तीय राहत मिली है, लेकिन दोनों देशों के बीच संबंध पहले से ही तनावपूर्ण रहे हैं।
• ब्रिटेन को रवांडा के साथ रद्द प्रवासी सौदे के लिए करोड़ों पाउंड के भुगतान से मिली बड़ी राहत • मध्यस्थता न्यायालय का फैसला, रवांडा ने भविष्य के भुगतानों को छोड़ने पर सहमति जताई • सौदे के तहत केवल चार प्रवासियों ने स्वेच्छा से रवांडा की यात्रा की, कानूनी चुनौतियां बनी रहीं • ब्रिटेन और रवांडा के बीच संबंध पहले से ही तनावपूर्ण, सहायता राशि रोकने का मामला के अनुसार, स्थायी मध्यस्थता न्यायालय ने सोमवार को एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा है कि ब्रिटेन को रवांडा के साथ हुए रद्द प्रवासी सौदे के लिए करोड़ों पाउंड का भुगतान नहीं करना पड़ेगा। यह निर्णय ब्रिटेन के लिए एक बड़ी वित्तीय राहत लेकर आया है, क्योंकि रवांडा की ओर से इस सौदे के तहत कम से कम 60 मिलियन पाउंड (लगभग 80 मिलियन अमेरिकी डॉलर) की मांग की गई थी।
न्यायालय के तीन-न्यायाधीशों के पैनल ने बहुमत से यह निष्कर्ष निकाला कि नवंबर 2024 में रवांडा ने कूटनीतिक माध्यमों से यह सहमति व्यक्त की थी कि वह अप्रैल 2025 और अप्रैल 2026 में यूनाइटेड किंगडम द्वारा किए जाने वाले किसी भी अतिरिक्त भुगतान को छोड़ देगा। इन महत्वपूर्ण विवरणों को सोमवार को न्यायालय द्वारा जारी किए गए फैसले के अंशों में सार्वजनिक किया गया, जबकि मूल निर्णय 15 मई को सुनाया गया था।
यह प्रवासी समझौता, जिसका उद्देश्य अवैध रूप से ब्रिटेन पहुंचने वाले प्रवासियों को रवांडा भेजना था, शुरू से ही कानूनी चुनौतियों का सामना कर रहा था और अंततः इसे रद्द कर दिया गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस विवादास्पद सौदे के तहत केवल चार व्यक्ति ही स्वेच्छा से रवांडा की यात्रा करने के लिए सहमत हुए थे। यह घटनाक्रम दोनों देशों के बीच पहले से ही बिगड़े हुए संबंधों के बीच आया है। पिछले साल, लंदन द्वारा रवांडा की पूर्वी कांगो गणराज्य (डीआरसी) के युद्ध में कथित भूमिका को लेकर कुछ सहायता राशि रोके जाने के बाद से दोनों देशों के बीच कूटनीतिक तनाव बढ़ गया था।
रवांडा पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पूर्वी कांगो में एम23 विद्रोही समूह का समर्थन करने के गंभीर आरोप लगे हैं। हालांकि, किगाली सरकार लगातार इन आरोपों का खंडन करती रही है और उसने कांगो तथा बरुआंडी के बलों पर पिछले एक साल में हजारों लोगों की मौत और लाखों के विस्थापन के लिए जिम्मेदार होने का आरोप लगाया है। इस सौदे का रद्द होना और उसके बाद के वित्तीय विवाद, ब्रिटेन की प्रवासी नीतियों और अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर चल रही बहस को और गहरा करते हैं। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, इस फैसले का ब्रिटेन की भविष्य की प्रवासी योजनाओं पर प्रभाव पड़ सकता है।




