भारत-ओमान CEPA लागू: 98% शुल्क-मुक्त पहुंच से वस्त्र, दवा उद्योग को नई उड़ान

• ओमान के 98% टैरिफ लाइनों पर भारत को शुल्क-मुक्त पहुंच • भारतीय पेशेवरों के लिए सेवाओं और गतिशीलता में बढ़ी हुई सुविधा • ओमान से विशेष खजूर और संगमरमर के आयात की उम्मीद • 2 ट्रिलियन डॉलर निर्यात लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम : भारत और ओमान के बीच मुक्त व्यापार समझौता (CEPA) आज से प्रभावी हो गया है। इसके तहत, ओमान के 98% टैरिफ लाइनों पर भारत को शुल्क-मुक्त पहुंच मिलेगी, जिससे भारत के 99% से अधिक निर्यात को लाभ होगा। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि यह समझौता भारतीय पेशेवरों के लिए सेवाओं और गतिशीलता को भी बढ़ाएगा। ओमान से खजूर और संगमरमर जैसे उत्पादों के आयात से भारतीय उपभोक्ताओं और उद्योगों को लाभ होने की उम्मीद है। यह भारत के महत्वाकांक्षी 2 ट्रिलियन डॉलर निर्यात लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
• भारत-ओमान CEPA लागू: 98% शुल्क-मुक्त पहुंच से वस्त्र, दवा, एमएसएमई क्षेत्र को मिलेगी नई ऊर्जा • भारतीय पेशेवरों के लिए ओमान में बढ़ी हुई गतिशीलता, स्वास्थ्य सेवाओं में तेजी से मिलेगी राहत • ओमान से विशेष खजूर और संगमरमर के आयात से भारतीय बाजार को मिलेगा बढ़ावा, स्थानीय कारीगरों को लाभ • 2 ट्रिलियन डॉलर के निर्यात लक्ष्य की ओर भारत का बड़ा कदम, खाड़ी देशों से व्यापारिक संबंधों को मिलेगी मजबूती : आज से भारत और ओमान के बीच मुक्त व्यापार समझौता (CEPA) प्रभावी हो गया है, जो दोनों देशों के बीच आर्थिक और व्यापारिक संबंधों में एक क्रांतिकारी बदलाव लाएगा। इस ऐतिहासिक समझौते के तहत, भारत को ओमान के 98% टैरिफ लाइनों पर शुल्क-मुक्त पहुंच प्राप्त होगी, जिसका अर्थ है कि भारत से ओमान को होने वाले 99% से अधिक निर्यात पर कोई शुल्क नहीं लगेगा। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि को रेखांकित करते हुए कहा कि यह समझौता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मेक इन इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' के दृष्टिकोण को साकार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
श्री गोयल ने बताया कि इस समझौते से भारतीय वस्त्र, फार्मास्यूटिकल्स, इंजीनियरिंग सामान और सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) को विशेष रूप से लाभ होगा। उन्होंने कहा, "आज से, भारत ओमान की 98% टैरिफ लाइनों पर शुल्क-मुक्त पहुंच सुरक्षित करेगा, जो ओमान को भारत के 99% से अधिक निर्यात को कवर करता है।" उन्होंने यह भी बताया कि जैसे ही यह समझौता लागू हुआ, भारत के विभिन्न हिस्सों से ओमान के लिए तरजीही शुल्क पहुंच का लाभ उठाते हुए एक दर्जन से अधिक खेप रवाना हो चुकी हैं।
यह समझौता केवल वस्तुओं के व्यापार तक ही सीमित नहीं है, बल्कि सेवाओं और पेशेवरों की गतिशीलता के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण प्रतिबद्धताएं शामिल हैं। इसके तहत, भारतीय पेशेवरों, जैसे कि कॉर्पोरेट ट्रांसफर, संविदा सेवा प्रदाता, व्यापार आगंतुक और स्वतंत्र पेशेवरों के लिए ओमान में अस्थायी प्रवास की सुविधा बढ़ेगी। स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में एक बड़ी राहत के रूप में, भारतीय जेनेरिक दवाओं को, जिन्हें यूएसएफडीए, ईएमए या यूके एमएचआरए द्वारा अनुमोदित किया गया है, अब ओमान में 90 दिनों के भीतर विपणन प्राधिकरण प्राप्त होगा। इससे ओमानी रोगियों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण भारतीय दवाएं तेजी से उपलब्ध होंगी।
भारत ओमान से विशेष खजूर, जिन्हें दुनिया में सर्वश्रेष्ठ माना जाता है, और अन्य आवश्यक उत्पादों के आयात की भी उम्मीद कर रहा है। ओमान ने भारतीय कारीगरों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, राजस्थान और आंध्र प्रदेश में संगमरमर के कारीगरों को कच्चे माल की सीधी सोर्सिंग की अनुमति देने के लिए, बिना पॉलिश किए गए संगमरमर के निर्यात पर दशकों पुराने प्रतिबंध को हटाने पर भी सहमति व्यक्त की है। ओमान को खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) देशों और व्यापक मध्य पूर्व और पूर्वी अफ्रीका के बाजारों के लिए एक प्रवेश द्वार के रूप में देखा जा रहा है।
यह CEPA भारत की व्यापक व्यापार विस्तार रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत पिछले साढ़े तीन वर्षों में नौ मुक्त व्यापार समझौते किए गए हैं, जो वैश्विक व्यापार के लगभग दो-तिहाई हिस्से को कवर करते हैं। सरकार का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में निर्यात को दो ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाना है। इस समझौते से न केवल द्विपक्षीय व्यापार बढ़ेगा, बल्कि भारत के वैश्विक व्यापारिक पदचिह्न को भी मजबूत करेगा।




